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Tuesday, April 8, 2014

बटवारा

चलो आज जहां बांट लें
तुम मेरे, बाकी सब तुम्हारा
तुम्हारी हंसी मेरी और
जहांभर की खुशियां
तुम समेट लेना
तम्हारी इच्छाएं मेरी,
दुनिया भर की चाहतें
तुम पूरी कर लेना
तुम्हारें सपने मेरे
बाकी नींद तुम रख लेना

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