जीवन साथी, हमसफ़र या फिर कुछ और कहो, हमारे जीवन के साथी के बहुत सारे नाम होते है! ये एक ऐसा रिश्ता होता है जो सिर्फ हमारा साथ देने के लिए ही बनाया गया होता है! एक ऐसा रिश्ता जो हमारा आईना होता है, जो हर कदम पर, हर परिस्थिति में हमारा साथ देता है, हमें संभालता है या यूँ कहू की वो हमारी आत्मा से जुड़ा होता है!
ये ज़िन्दगी भी कितनी अजीब पहेली होती है , वैसे तो हमें हमारे सारे रिश्ते ( मम्मी, पापा, भाई, बहन......) पैदा होने के साथ ही मिल जाते है पर जिसके लिए या फिर जिसके साथ हमें अपनी पूरी ज़िन्दगी बितानी होती है उसके बारे में ही हमें कुछ पता नहीं होता है, बस सपने ही सजाते रहते है की वो ऐसा होगा/होगी, वैसा होगा/होगी, उसके साथ ऐसे जीएगे वैसे जीएगे ..... जिसके साथ हमारी सारी आशाए और खुशियाँ जुडी होती है उसे पाने और जानने के लिए हमे अपनी आधी ज़िन्दगी का लम्बा इंतज़ार करना पड़ता है !
हर इंसान यही ही चाहता है की उसका साथी उससे बहुत प्यार करे, उसकी हर ख्वाइश और परेशानियाँ उसके कहे बिना ही उसकी आँखों में पढ़ ले .......... अगर वो परेशान हो तो वो बड़े ही प्यार से अपने दोनों हाथो से उसका चेहरा थाम कर बोले ," परेशान मत हो मै हमेशा तुम्हारे साथ रहूँगा/रहूँगी!".......... जब भी कभी आपकी तबियत ख़राब हो तो आपका सर अपने गोद में रखे और अपने एक हाथ से आपका हाथ पकडे और दुसरे हाथ आपके सर पर रखे और बोले" मै हमेशा तुम्हारा ख्याल रखूँगा/रखूंगी!".... अगर आपसे कभी कोई गलती हो जाए तो वो बड़े ही प्यार से मुस्कुराकर बोले " कोई बात नहीं गलतियाँ इन्सान से ही होती है!" एक ऐसा साथी जिसकी ख़ुशी ही आपकी ख़ुशी बन जाए! जो दूर होकर भी हमेशा आपके साथ रहता/रहती हो, जिसके बिना हर ख़ुशी बेमानी हो जाये!
कितने खुशनसीब होते है वो लोग जिन्हें उनका मनपसंद जीवन साथी मिल जाता है जबकि कुछ लोगो के सपने सिर्फ सपने ही बन कर रह जाते है! लेकिन मुझे सबसे ज्यादा तरस और दुःख उन बदनसीब लोगो पे आता है जिन्हें जीवन साथी तो उनकी पसंद का मिलता/मिलती है पर वो अपनी नासमझी और नादानी से उन्हें खो देते है और फिर जीवन भर पछताते रहते है! ऐसे लोग ये नहीं सोच पाते की वो ल़ोग कितने भाग्यशाली होते है, वरना कितने ही ऐसे लोग है जो किसी न किसी वजह से, चाहे वो समाज के कारण या परिवार के कारण या फिर एक तरफ़ा प्यार होने के कारण उसे खो देते है जिससे वो बेइएन्तेहा प्यार करते है!
कुछ ल़ोग का मानना है की शादी एक फंदा है जिसमे बंधकर उनकी ज़िन्दगी ख़राब हो जाती है! शायद उनकी ये सोच इसलिए ऐसी हो गयी है क्योकि हमारे समाज में कुछ घटिया लोगो ने इस "पवित्र रिश्ता" के ऐसे गंदे उदाहरण सामने रखे है जिससे कुछ ल़ोग या हम सभी ल़ोग अपने जीवन साथी को पाने और जानने से पहले इस रिश्ते में बंधने से डरते है!
लेकिन हमें खुद ही ये समझना चाहिए की अपने रिश्ते में खुशियाँ बनाये रखने के लिए उसे हमें किस तरह से उसे निभाना चाहिए! अगर हमें अपने साथी से कुछ आशये है तो उसकी भी तो कुछ आशये हमसे जुडी होती है, जिसे हमें भी पूरी करनी चाहिए! हमें हमेशा अपनी खुशियों को ही नहीं मनवानी चाहिए बल्कि उसकी खुशियों में ही अपनी खुशिया ढूंढनी चाहिए!
"प्यार और विश्वास" इस रिश्ते की सबसे गहरी नीव होती है! अगर ये दो चीज़ हम अपने रिश्ते में बनाये रखे तो कभी कोई परेशानी नहीं आएगी!
ये ज़िन्दगी भी कितनी अजीब पहेली होती है , वैसे तो हमें हमारे सारे रिश्ते ( मम्मी, पापा, भाई, बहन......) पैदा होने के साथ ही मिल जाते है पर जिसके लिए या फिर जिसके साथ हमें अपनी पूरी ज़िन्दगी बितानी होती है उसके बारे में ही हमें कुछ पता नहीं होता है, बस सपने ही सजाते रहते है की वो ऐसा होगा/होगी, वैसा होगा/होगी, उसके साथ ऐसे जीएगे वैसे जीएगे ..... जिसके साथ हमारी सारी आशाए और खुशियाँ जुडी होती है उसे पाने और जानने के लिए हमे अपनी आधी ज़िन्दगी का लम्बा इंतज़ार करना पड़ता है !
हर इंसान यही ही चाहता है की उसका साथी उससे बहुत प्यार करे, उसकी हर ख्वाइश और परेशानियाँ उसके कहे बिना ही उसकी आँखों में पढ़ ले .......... अगर वो परेशान हो तो वो बड़े ही प्यार से अपने दोनों हाथो से उसका चेहरा थाम कर बोले ," परेशान मत हो मै हमेशा तुम्हारे साथ रहूँगा/रहूँगी!".......... जब भी कभी आपकी तबियत ख़राब हो तो आपका सर अपने गोद में रखे और अपने एक हाथ से आपका हाथ पकडे और दुसरे हाथ आपके सर पर रखे और बोले" मै हमेशा तुम्हारा ख्याल रखूँगा/रखूंगी!".... अगर आपसे कभी कोई गलती हो जाए तो वो बड़े ही प्यार से मुस्कुराकर बोले " कोई बात नहीं गलतियाँ इन्सान से ही होती है!" एक ऐसा साथी जिसकी ख़ुशी ही आपकी ख़ुशी बन जाए! जो दूर होकर भी हमेशा आपके साथ रहता/रहती हो, जिसके बिना हर ख़ुशी बेमानी हो जाये!
कितने खुशनसीब होते है वो लोग जिन्हें उनका मनपसंद जीवन साथी मिल जाता है जबकि कुछ लोगो के सपने सिर्फ सपने ही बन कर रह जाते है! लेकिन मुझे सबसे ज्यादा तरस और दुःख उन बदनसीब लोगो पे आता है जिन्हें जीवन साथी तो उनकी पसंद का मिलता/मिलती है पर वो अपनी नासमझी और नादानी से उन्हें खो देते है और फिर जीवन भर पछताते रहते है! ऐसे लोग ये नहीं सोच पाते की वो ल़ोग कितने भाग्यशाली होते है, वरना कितने ही ऐसे लोग है जो किसी न किसी वजह से, चाहे वो समाज के कारण या परिवार के कारण या फिर एक तरफ़ा प्यार होने के कारण उसे खो देते है जिससे वो बेइएन्तेहा प्यार करते है!
कुछ ल़ोग का मानना है की शादी एक फंदा है जिसमे बंधकर उनकी ज़िन्दगी ख़राब हो जाती है! शायद उनकी ये सोच इसलिए ऐसी हो गयी है क्योकि हमारे समाज में कुछ घटिया लोगो ने इस "पवित्र रिश्ता" के ऐसे गंदे उदाहरण सामने रखे है जिससे कुछ ल़ोग या हम सभी ल़ोग अपने जीवन साथी को पाने और जानने से पहले इस रिश्ते में बंधने से डरते है!
लेकिन हमें खुद ही ये समझना चाहिए की अपने रिश्ते में खुशियाँ बनाये रखने के लिए उसे हमें किस तरह से उसे निभाना चाहिए! अगर हमें अपने साथी से कुछ आशये है तो उसकी भी तो कुछ आशये हमसे जुडी होती है, जिसे हमें भी पूरी करनी चाहिए! हमें हमेशा अपनी खुशियों को ही नहीं मनवानी चाहिए बल्कि उसकी खुशियों में ही अपनी खुशिया ढूंढनी चाहिए!
"प्यार और विश्वास" इस रिश्ते की सबसे गहरी नीव होती है! अगर ये दो चीज़ हम अपने रिश्ते में बनाये रखे तो कभी कोई परेशानी नहीं आएगी!


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