मैं क्या कर सकता हु , मैं तो आम आदमी हु ! खुद टैक्स देकर रोड बनवाता हु फिर उन्ही रोअदो के गद्दों में अपने को गिरता देखता हु . मैं कर भी क्या सकता हु मैं आम आदमी हु . मैं वोट दे सकता हु पर अपने ही नेता से कोई उम्मीद नहीं कर सकता ! बस चुप चाप पाच साल इंतजार करता हू . और मैं कर भी क्या सकता हु मैं आम आदमी हु कर्जा लेकर बेटी की शादी करता हु . फिर अपने ही सामने ही सामने उसे दहेज़ के लिए जलता देख ता हु . पर मैं कर भी क्या सकता हु मैं आम आदमी हु !! पड़ोस के मकानों में जहा खेलता था बचपन में दंगो में उन्हें ही जलता देख ता हु . पर मैं कर भी क्या सकता हु मैं आम आदमी हु !!! अपने से कम काबिल को पैसे देकर नौकरी पाता देखता हु पर मैं कर भी क्या सकता हु मैं तो आम आदमी हु !!! मैं लोन लाकर कार तो ले सकता हु पर उसमे पेट्रोल नहीं पडवा सकता हु ! कहने को तो हमें की है तरक्की बहुत पर मैं आज भी खुद को वाही पचास साल पहले खड़ा देखता हु . पर कर भी क्या सकता हु . मै…………………

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